ये क्रिकेटर्स मैदान पे ही बन गए खूनी , ज़रा भी दया न आयी

वैसे तो क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहा जाता हे, पर कुछ क्रिकटर्स ऐसे थे जिनके हाथ में मैदान पे ही खून लिखा था। इन क्रिकटर्स ने बेजान पक्षिओं को बीच मैदान सरे आम ही सबके सामने मार डाला और उफ़ तक न की।

आज हम जानेंगे ऐसे क्रिकेटर्स के बारे में जिन्होंने मैदान पे ही पक्षिओं की जान ली हे। किसी ने कबूतर, किसी ने तो सीगूल को भी नहीं बक्शा ।

१) जैक्वेस रुडोल्फ – २९ मई २००९ को एक काउंटी टी २० मैच में जैक रुडॉफ ने ऐसा निशाना सीधा की मैदान में आराम कर रहे कबूत्तर को एक पल न मिला इधर उधर कमर करने का और सीधा वो परलोक सिधार गया। जैक रुडोल्फ ने कबूतर उठाया और चेहरे पे एक मुस्कान के साथ उससे ग्राउंड के बाहर कर दिया।

२) कपिल देव – १९८६ में एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया में बैटिंग करते हुए कपिल देव ने भी एक सीगुल की जाने अनजाने में जान ले ली थी।

सूत्रों की मैनें तो उस दौरे पे भारत और कंगारू खिलाड़िओं के बीच कोई ज़्यादा तालमेल नहीं था और ऑस्ट्रेलिया खिलाडी इस बात से बहुत नाराज़ थे क कपिल देव ने उनके देश की बेचारी प्यारी सीगुल को मार दिया था।

कपिल देव ने सीगुल को चोट पहुंचने के बाद पानी भी पीना चाहा था पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर ने उनकी इस दरख्वाश्त को साफ़ मना कर दिया था।

३) जहांगीर खान – १९३६ में टॉम पियर्स को बोलिंग करते हुए एक मासूम कबूतर की जान ले ली थी। टॉम पियर्स ने एक हल्का सा डिफेंसिव शॉट खेला, पर स्टंप के ठीक पीछे शान्ति से बैठे हुए कबूतर पे बॉल जा टकराई और कबूतर को जान से मार गयी।

बाद में चिड़िया को स्टफ्फिंग करके बॉल के ऊपर चुपकाके लॉर्ड्स की मेमोरियल गैलरी में रखा गया था, तब से वे वहीँ हैं और काफी ही आकर्षण का केंद्र बनी हुई हे।

आप भी कभी लॉर्ड्स मैदान पे चक्कर लगे, तो वहां जाके इससे देख सकते हैं।

४) सचिन तेंदुलकर – क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज़ जो की १ इंच के गैप से भी बॉल को निकल देते थे कभी न कभी तो ये होना ही था की उनके बल्ले से निकली बॉल किसी पक्षी को जा टकराये।

३० जून २००२ को नेटवेस्ट सीरीज के मुकाबले में सचिन के एक शॉट से निकली गेंद सीधा कबूतर से जा टकराई।

महिला जयवर्धने ने सचेती दिखाते हुए कबूतर को अपने हाथ में लिया और तत्काल उससे उपचार के लिए भेजा।

बाद में दर्शकों की जान में जान तब आयी जब उन्हें पता चल की कबूतर में भी जान हे और वो मजे से हस, खेल,कूद और उड़ रहा हे।

५) अजय जडेजा – अजय जडेजा ने भी जाने अनजाने में खेलते हुए एक कबूतर से उसकी सबसे कीमती चीज़ ज़िन्दगी छीन ली थी।

हालांकि उन्होंने जान -बूझ के ऐसा नहीं किया था , उनके बल्ले से निकला हुआ किनारा , कबूतर से जा टकराया और बेचारे कबूतर ने वहीँ मैदान पे दम तोड़ दिया।

ये घटना १९९९ वर्ल्ड कप की हे।

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