अपनी धरती पे ही थे शहंशाह, भारतीय ज़मीन पे कभी नहीं छू पाए १०० का आकंड़ा

वो कहावत हे ना , कुत्तों का इलाका होता हे, शेरो का नहीं।
क्रिकेट ऐसा खेल हे जिसमें आप अपने इलाके में कैसा प्रदर्शन करते उससे ज़्यादा छाप आपकी विदेशी सरज़मी
पर आप कैसा प्रदर्शन करते उसकी ज़्यादा सरहाना होती हे। अपने देश से तो आप परिचित हैं, कैसी परिस्थिआँ हैं, कैसे हालत हे, उसके अनुसार आप खुद को ढाल लेते हैं, पर क्या आप वही प्रदर्शन विदेश ज़मी पे भी दिखा सकते हैं?

आज हम जानेंगे ऐसी खिलाड़िओं के बारे में जिन्होंने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट में खूब नाम कमाया, पर वो और नाम कमाते अगर विदेशी सरज़मीं पे भी वो एक, दो सेकडे जमा देते। पर ऐसा वो कर न सके। आज हम जानेंगे कुछ ऐसे खिलाड़िओं के बारे में जिन्होंने भारत में एक भी सैकड़ा नहीं लगाया।

१) जस्टिन लैंगर :- जस्टिन लैंगर दो बार भारत के दौरे पे आये। २००१ और २००४ में। पर दोनों ही दौरों पे उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा। कुल मिलाके ७ टेस्ट में ३८९ रन और सिर्फ और सर्फ ३ पचास , इसका मतलब ११ परिआं विफल। ये ताज्जुब की बात हे की टेस्ट क्रिकेट का जाना माना प्लेयर जिसके नाम २३ शतक हैं, भारत की पिचों में विफल रहा। पर जो हे सो हे। ।

२) ब्रायन लारा :- वैसे तो ब्रायन लारा किसी न किसी असमंजस में फस ही जाते थे जब भी भारत का दौरा करना होता था और यही कारण हे की इतना लंबा करियर होने पे भी उन्होंने भारत में सिर्फ और सिर्फ तीन टेस्ट ही खेले। ३ टेस्ट में ३३ की एवरेज से १८९ रन जिसमें एक ९१ रन की पारी थी।

३) ग्रैम स्मिथ – सॉउथफ्रिका टीम के सफल कप्तानों में आने वाले ग्रैम स्मिथ भी भारत में एक भी सैकड़ा बनाने में सफल न रहे। २००४, २००८, २०१० के ३ दौरों पे ३६ की एवरेज से ४३१ रन। ज़हीर खान और ग्रैम स्मिथ की जंग का लुत्फ़ तो भारत के सारे फैंस ने उठाया ही हे और ये भी एक कारण था की भारत के खिलाफ भारत में सॉउथफ्रिकी कप्तान का बल्ला उतना नहीं चल पाया जितना दुनिया के दुसरे देशों में चला।

४) क्रिस गेल – आखिरी नाम शुमार हे इस लिस्ट में यूनिवर्स बॉस कहे जाने वाले क्रिस गेले का। २००२ और फिर २०१३ में ५ टेस्ट गेल ने खेले पर कुल मिलाके बनाये २५७ रन, २८ की औसत से। उनका इंडिया में हाईएस्ट स्कोर रहा ९९ रन। खुद यूनिवर्स बॉस भी ये मानेंगे की ये आंकड़े थोड़े और बेहतर हो सकते थे।

Leave a Comment