हाँ यार ODI में एकदम बेकार खेलता हूँ, इस क्रिकेटर ने माना ODI में हे ये आयाराम-गयाराम

भारत इस समय वेस्टइंडीज के दौरे पे हे। यदि शृंखला 2-1 से जीतने के बाद, तीसरे T20 में सीरीज दांव पर थी और ऐसे में भारत के T20 स्पेशलिस्ट बल्लेबाज, ३२ वर्षीया सूर्यकुमार यादव ने 44 गेंदों में 83 रन ठोंककर भारत की नैया को पार लगाया।

वैसे तो T20 फॉर्मेट ही क्रिकेट का सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट बन गया हे पर अभी सबके नज़रें हैं 50 ओवर में और इसका कारण हे चंद महीनो में 2023 का वर्ल्ड कप।

ऐसे में भारत की ओपनिंग साझेदारी में रोहित शर्मा के साथ गिल खेलेंगे या जायसवाल वो देखना होगा और तीसरे नंबर पर कोहली, पर भारत के लिए असली चिंता का विषय हे मिडिल आर्डर जहाँ लगभग सारे प्लेयर चोट की समस्या से जूझ रहे हैं।

K L Rahul की तो खबर आ रही की वो एकदम फिट हो चुके हैं पर श्रेयस अय्यर की तो कुछ खबर ही नहीं हे जो ODI के बहुत बेहतरीन बल्लेबाज हैं , ऐसे में भारत ने सूर्यकुमार यादव पे पिछले एक साल में बहुत दांव खेला हे पर T20 फॉर्मेट की तरह ODI फॉर्मेट में उनके नंबर कुछ ख़ास नहीं हे।

26 ODI में मात्रा 25 का एवरेज और सिर्फ 2 50, इसका मतलब 26 में से 24 बार वो वही 15-29 रन बनाने में ही सफल हो पाए हैं |

ऐसे में खुद सूर्य कुमार यादव ने आगे आके ये बात स्वीकार की हे वो भी मानते हैं की उनका ODI में प्रदर्शन बिलकुल भी अच्छा नहीं रहा हे और वो इससे बेहतर करने की और देख रहे हैं।


जहां तक टीम मैनेजमेंट से बात की बात हे, तो टीम मैनेजमेंट ने उनसे कहा हे की उनको 45-50 गेंद खेलने का देखना चाहिए और इस 45-50 गेंद को किस तरीके से खेलना हे वो उनके ऊपर हे पर T20 फॉर्मेट की तरह सिर्फ आते ही मारने लग जाओ और अपनी विकेट गँवा बैठो ऐसे नहीं चलेगा।

उन्होंने ये भी माना हे की ODI फॉर्मेट ही क्रिकेट का सबसे कठिन फॉर्मेट हे और वो चाहते हैं की इस फॉर्मेट में भी भारत के लिएअच्छा करे।

हाल ही में युवराज सिंह ने भी टीम इंडिया के वर्ल्ड कप में जीतने की उम्मीद पर अपना बयान दिया हे।

उन्होंने कहा हे की ” एक देशभकत होने के नाते में तो यही चाहूंगा की भारत वर्ल्ड कप जीते पर क्रिकेटर की तरह मुझसे पूछें, तो मुझे भारत के मध्य क्रम को लेके चिंता होती हे। वहां इतने प्लेयर चोटिल हैं और जो हैं वो अपने मौके भुना नहीं रहे हैं , अगर भारत को वर्ल्ड कप जीतना हे तो मध्य क्रम का चलना बहुत ज़रूरी हे और टीम इंडिया को इसके बारे में प्लानिंग करनी चाहिए ।

वर्ल्ड कप महज 2 महीने दूर हे और एशिया कप में जो प्लेयर खेलेंगे लगता हे वही वर्ल्ड कप में भी खेलेंगे , हम तो यही चाहेंगे की सारे चोटिल खिलाडी रिकवर हो जाएं और भारत को ज़्यादा से ज़्यादा ऑप्शंस प्रदान करें की वर्ल्ड कप से पहले मध्य क्रम में कौन खेलेगा सुनिश्चित हो जाए।

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