9 नवंबर को आ रही हे इस जाबांज़ गेंदबाज़ की जीवन की कहानी, भारत के लोग पर बोलेंगे क्या ही बॉलर था

एशेज सीरीज ख़तम हो चुकी हे। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया पे धावा बोलते हुए लगभग सीरीज जीत ही ली होती अगर इंद्रदेवता को भी थोड़ा क्रिकेट खेलने का मन नहीं करता।

एक फ़ास्ट बॉलर का टेस्ट क्रिकेट में जिसमें आपको 5 दिन लगातार तेज गेंदबाज़ी करनी पड़ती हे, कहने में तो बहुत आसान लगता हे पर होता हे मुश्किल।

जिहोने किसी स्तर पर क्रिकेट खेला होगा वो ये बात अच्छी तरह से जानते होंगे की 125 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार फेकना भी मज़ाक की बात नहीं इसमें टेस्ट क्रिकेट में 604 विकेट लेने वाले और अभी अभी क्रिकेट से संन्यास लेने वाले स्टुअर्ड ब्रॉड की आजीवनी 1 नवम्बर को उनके फैंस के लिए पड़ने के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

वैसे तो स्टुअर्ड ब्रॉड का विश्व क्रिकेट में बड़ा नाम हे पर भारत के क्रिकेट प्रेमियों के दिल में उनके लिए कोई ख़ास जगह नहीं हे।

और उसका कारण हे युवराज सिंह का उन्हें 6 बॉल पे 6 छक्के मरना। और वैसे भी देखा जाए तो स्टुअर्ड ब्रॉड का भारत के खिलाफ प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा, जितना उनका और टीम के खिलाफ रहा, जैसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा था।

इसी वजह से भारत के क्रिकेट प्रेमी उन्हें कुछ तगड़ा बॉलर नहीं मानते पर विश्व क्रिकेट को जो फॉलो करते हैं उन्ह पता होगा की ब्रॉड काफी अच्छे गेंदबाज़ थे और एशेज में उनका प्रदर्शन हमेशा बेहतरीन रहा , खासकर डेविड वार्नर का तो उन्हें जैसे हमेशा ही नंबर पता होता था और सिर्फ 2-3 ओवर में ही वो वार्नर को पवेलियन का रास्ता दिखा देते थे। यही कारण हे की 17 बार ब्रॉड ने वार्नर का विकेट लिया हे।

अब उनकी आजीवनी आ रही हे। । फ़ास्ट बॉलर जो अभी क्रिकेट खेल रहे हैं उनको उनकी ऑटोबायोग्राफी ज़रूर पड़नी चाहिए, उससे उनको बेहद मदद मिलेगी की कैसे एक फ़ास्ट बॉलर लम्बा खेल सकता हे और कैसे इंजरी से बचा रह सकता हे।

हम उम्मीद करते हैं की स्टुअर्ड ब्रॉड की पुस्तक हाथों हाथ बिकेगी और उनकी पुष्तक को पढ़कर उनके जैसा ही लबे दौर तक खेलने वाला और 600 विकेट लेने वाला गेंदबाज़ क्रिकेट जगत को मिले।

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